राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने मंगलवार(23 मई) को आतंकियों को आर्थिक मदद देने के मामले में दोषी पाए गए असम के बीजेपी नेता(पूर्व उग्रवादी नेता) निरंजन होजाई और दो पूर्व उग्रवादी नेताओं को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही एनआईए की विशेष अदालत ने अन्य 11 दोषियों को 8 से 12 वर्ष के बीच कैद की सजा सुनाई है।

इससे पहले सोमवार(22 मई) को अदालत ने दो मामलों में 15 लोगों को दोषी ठहराया था। बता दें कि 2009 में इस मामले की जांच एनआईए को सौंपा गया था। राज्य बीजेपी के प्रवक्ता बिजन महाजन ने बताया कि असम की बीजेपी गोहाटी हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रही है, ताकि पार्टी नेता निरंजन होजाई को इससे आजादी मिल सके।

बता दें कि कोर्ट ने इन तीनों को 1000 करोड़ के वित्तीय घोटाले और आतंकी फंडिंग मामले का दोषी पाया है। कोर्ट ने इनपर जेल के अलावा आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। एनआईए के वकील ने बताया कि अदालत ने तीनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

एनआईए के विशेष जज ने जिन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई है उनमें आतंकवादी संगठन दीमा हलम दाओगाह (जे) के कमांडर इन चीफ जेवेल गारलोसा, उत्तरी काचर हिल्स स्वायत्तशासी परिषद (एसीएचएसी) के मुख्य कार्यकारी सदस्य रहे मोहेट होजाई और बीजेपी नेता निरंजन होजाई शामिल हैं।

बता दें कि एनआईए ने 2009 में दो मामले दर्ज किए थे, जिनमें आरोप लगाया गया था कि एनसी पर्वतीय परिषद के विकास के लिए जारी की गई धनराशि को ठेकेदारों और सरकारी अधिकारियों की उपेक्षा करते हुए आतंकवादी संगठन डीएचडी (जे) को भेज दिया जाता है, ताकि वे आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए हथियार और गोला बारूद खरीद सकें।इस मामले में मोहेत होजाई को 30 मई 2009 को गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल जेल में बंद है, जबकि जेवेल गरलोसा और निरंजन होजाई गिरफ्तार होने के बाद जमानत पर थे। दोनों ही स्वायत्त परिषद दिमा हसाओ के चयनित सदस्य हैं। इसके अलावा निरंजन बीजेपी के निर्वाचित सदस्य भी हैं।